10 सेकेंड के 30 लाख रुपये, भारत-पाकिस्तान मैच का कुछ ऐसा है जुनून

नई दिल्ली- भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैचों की लोकप्रियता हमेशा से ही रही है और इस बार 4 जून को चैंपियंस ट्रॉफी में होने वाले मैच से पहले भी नजारा कुछ ऐसा ही है। दुनिया के किसी भी कोने में मैदान हाउसफुल होना या फिर घरों व दुकानों में टीवी सेट के सामने फैंस का टकटकी लगाए हर पल को देखना, ये भारत-पाक क्रिकेट मैच में आम नजारा होता है। अब जब दीवानगी ऐसी हो तो भला मैच का प्रसारण करने वाले टीवी ब्रॉडकास्टर पीछे कैसे रहते। इस बार भी उन्हें मोटा मुनाफा होने वाला है।

– 10 सेकेंड के 30 लाख रुपये !

4 जून को चैंपियंस ट्रॉफी में होने वाले भारत-पाक मुकाबले के दौरान प्रायोजक बनने की दौड़ काफी कड़ी हो गई है। खेल के बाजार पर नजर रखने वाली कंपनी स्पोर्टी सॉल्यूशंस और वेबसाइट इनसाइडस्पोर्ट के मुताबिक कमर्शियल स्पॉट वेल्यू के ताजा हालात ये हैं कि टीवी पर 10 सेकेंड के एक स्पॉट के लिए कंपनियां 27 से 30 लाख रुपये तक लुटाने को तैयार हैं। इससे ये साफ हो जाता है कि बाजार में भारत-पाक क्रिकेट मैच की मांग सिर्फ क्रिकेट जगत में ही नहीं बल्कि अब पूरे विश्व खेल जगत में अपनी पहचान बनाने की होड़ में मौजूद है। स्पोर्टी सॉल्यूशंस के सीइओ आशीष चड्ढा और अलायंस एडवर्टाइजिंग एंड मार्केटिंग के निदेशक अरशद निजाम शॉल, दोनों के मुताबिक, ‘जब भारत-पाक क्रिकेट मैच होता है तो इसकी पकड़ देश के उन राज्यों तक भी पहुंच जाती है जहां क्रिकेट इतना लोकप्रिय नहीं है और यही वजह भी है कि ब्रॉडकास्टर टीवी पर ऑन-एयर स्पॉट प्राइज में इजाफा कर देते हैं।’ हालांकि मांग ज्यादा है और ब्रॉडकास्टर्स के पास जगह कम है।

– विश्व कप को भी छोड़ा पीछा

इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो सालों में भारत और पाकिस्तान आइसीसी के दो टूर्नामेंट में आमने-सामने आए हैं और इस दौरान स्पॉट प्राइज ने एक रिकॉर्ड कायम किया है। बातचीत के दौरान स्पोर्टी सॉल्यूशंस के आशीष चड्ढा कहते हैं, ‘पिछले दो सालों में भारत और पाकिस्तान दो बार आमने-सामने आए हैं। पहले वे 2015 आइसीसी विश्व कप में टकराए और फिर 2016 में भारत में हुए टी20 विश्व कप में भी वे आमने-सामने थे। 2015 और 2016 के बीच टीवी पर 10 सेकेंड जगह की कीमत में 25 फीसदी का इजाफा हुआ था और मौजूदा आंकड़ों को देखें तो 2015 विश्व कप के भारत-पाक मैच से 2017 चैंपियंस ट्रॉफी मैच में 50 फीसदी का इजाफा देखने को मिल रहा है। जितनी जगह ब्रॉडकास्टर के पास बची हैं, मांग उससे कहीं ज्यादा है। मैच रविवार को है इसलिए इसकी मांग और ज्यादा बढ़ चुकी है।’

– भावनाओं का मामला है

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच सिर्फ और सिर्फ खेल नहीं रह गए हैं बल्कि ये सीधे तौर पर दोनों देशों की भावनाओं से जुड़ चुके हैं। खेल में रुचि रखने वाले मशहूर इमेज गुरू दिलीप चेरियन का कहना है, ‘भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच सिर्फ खेल का हिस्सा नहीं रह गए हैं। ये दोनों देशों के लोगों से अनेक कारणों से जुड़ा रहा है जिसमें भावनाएं काफी अहम हैं। यही सबसे बड़ी वजह रही है कि क्रिकेट को दुनिया के इस कोने में इतना प्यार मिला है और खासतौर पर भारत-पाकिस्तान मैच इतना लोकप्रिय रहा है।’

– अन्य खेलों का क्या है हाल

अगर विश्व खेल बाजार की बात की जाए तो इसमे क्रिकेट अपना स्थान मजबूत करता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि विश्व में फुटबॉल की बाजार पर पकड़ अब भी सबसे मजबूत है। अगर भारत के बाजार की बात करें तो बेशक क्रिकेट की पकड़ अब भी सबसे मजबूत है लेकिन अन्य खेलों ने भी हाल में इस दौड़ में अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। भारतीय खेल बाजार में क्रिकेट एक समय 85 से 90 फीसदी तक हिस्सेदारी रखता था लेकिन समय के साथ स्थिति बदली और अब ये 65 से 70 फीसदी ही रह गया है। फुटबॉल में इंडियन सुपर लीग (आइएसएल), कुश्ती में प्रो-रेस्लिंग लीग (पीडब्ल्यूएल), प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) और कबड्डी में प्रो-कबड्डी लीग (पीकेएल) कुछ ऐसे अन्य खेलों की लीग हैं जिन्होंने भारत में अपना दम दिखाया है।

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