फ्रांस में मोदी: प्रेसिडेंट मैक्रों से आतंकवाद और NSG मेंबरशिप पर होगी चर्चा

4 यूरोपीय देशों के दौरे पर निकले  मोदी अपने अंतिम पड़ाव पर फ्रांस पहुंच गए। मोदी, बीते महीने फ्रांस के प्रेसिडेंट चुने गए इमैनुएल मैक्रों के पहले गेस्ट हैं। मोदी और मैक्रों की आतंकवाद और भारत की न्यूक्लियर्स सप्लायर्स ग्रुप (NSG) में मेंबरशिप समेत कई अहम मसलों पर चर्चा होगी।

मोदी ने ट्वीट किया, “रिश्ते मजबूत करने के लिए फ्रांस पहुंच चुका हूं। फ्रांस हमारे अहम स्ट्रैटजिक पार्टनर्स में से एक है।” फ्रांस से पहले मोदी जर्मनी, स्पेन और रूस भी गए थे। स्पेन से भारत ने 7 करार किए हैं। वहीं, रूस से कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट की 2 यूनिट बनाने की डील हुई है। वहीं, भारत और रूस मिलकर एयरक्राफ्ट और ऑटोमोबाइल्स भी बनाएंगे। रूस भारत को S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी देगा।
फ्रांस को लेकर क्या बोले थे मोदी?
मोदी के मुताबिक, “फ्रांस के साथ यूएन सिक्युरिटी रिफॉर्म्स, सिक्युरिटी काउंसिल में भारत की परमानेंट मेंबरशिप समेत कई अहम ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा काउंटर टेररिज्म, क्लाइमेट चेंज में सहयोग और इंटरनेशनल सोलर अलायंस पर भी बात होगी।” “हम फ्रांस के साथ मजबूत पार्टनरशिप के लिए कमिटेड हैं।”
# फ्रांस: भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर होगी बात
मोदी के 4 देशों के दौरे में फ्रांस अंतिम पड़ाव है। यहां पेरिस में मैक्रों से चर्चा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों का स्ट्रैटजिक रिलेशन मजबूत होने की उम्मीद है। दोनों देश आतंकवाद से पीड़ित हैं। इसलिए बातचीत में यह अहम मुद्दा हो सकता है।
एजेंडा:दोनों देशों के बीच स्पेस, नॉन-एटॉमिक, डिफेंस और इकोनॉमिक सेक्टर्स में मजबूत सहयोग है। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के सफर के दौरान भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट अहम मुद्दा रहेगा।
कारोबार: फ्रांस, भारत में नौवां सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अप्रैल 2000 से जनवरी 2017 तक 5.55 अरब का इन्वेस्टमेंट किया। 2016 में कारोबार 9.60 अरब डॉलर का रहा।

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