किसानों के हितार्थ शुरू की गई योजनाओं की संपूर्ण जानकारी वाला पीएम किसान पोर्टल का शुभारंभ केंद्र सरकार में शुरू कर दिया है। दरअसल, राज्यों से पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों की सूची 15 दिनों में मिल जाने का आश्वासन पाकर केंद्र सरकार ने गुरुवार को एक समर्पित पोर्टल लॉन्च कर दिया। पीएमकिसान.निक.इन पर योजना से जुड़े सारे नियम दिए गए हैं। यहां बताया गया है कि कौन से किसान योजना के दायरे में आ पाएंगे और कौन नहीं। साथ ही, योजना को लागू करने में विभिन्न एजेंसियों की भूमिकाएं भी बताई गई हैं। केंद्र सरकार चाहती है कि किसानों के खाते में सहायता राशि की पहली किस्त के रूप में 2-2 हजार रुपये 31 मार्च तक पहुंच जाए, इसलिए राज्यों से कहा गया है कि वे लाभार्थियों की सूची इस पोर्टल पर 25 फरवरी तक अपलोड कर दें। अगर राज्यों ने 25 फरवरी तक लाभार्थियों की सूची पोर्टल पर डाल दी तो किसान यहां अपना नाम देख पाएंगे और पता कर पाएंगे कि उन्हें योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं। एक अधिकारी ने कहा, हालांकि हमारे पास योजना के हकदार किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये जमा कराने के लिए 31 मार्च तक का वक्त है, लेकिन हम पैसे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया फरवरी (संभवतः 28 फरवरी) से ही शुरू करना चाहते हैं। तब इसे ‘पहले से जारी काम’ माना जाएगा और चुनाव आयोग की आचार संहिता के उल्लंघन का मामला नहीं बनेगा। चुनाव आयोग संभवतः मार्च के पहले सप्ताह में आम चुनाव के तारीखों की घोषणा करेगा।
दरअसल, सरकार ने इस योजना को 1 दिसंबर 2018 से ही लागू किए जाने का ऐलान किया है, इसलिए इसकी पहली किस्त के रूप में 2-2 हजार रुपये 31 मार्च 2019 से पहले तक पहुंचाने होंगे। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में पीएम-किसान योजना का ऐलान किया था। पूर्णतः केंद्र प्रायोजित इस योजना के तहत देशभर के करीब 12 करोड़ छोटे एवं सीमांत किसान परिवारों को चार-चार महीनों की तीन किस्तों में 6 हजार रुपये सालाना सहायता राशि दी जाएगी। इसका लाभ उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिनके पास 2 हेक्टेयर यानी 5 एकड़ खेती योग्य जमीन है। हालांकि, मजबूत आर्थिक स्थिति के आधार परकिसानों को योजना के दायरे से बाहर रखने का भी प्रावधान किया गया है।

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