नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैं भी चौकीदार अभियान पर तंज करते हुए कहा है कि मोदी ‘चायवालों को भूलकर अब ‘चौकीदारों’ को याद कर रहे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए ‘अगले चुनाव’ में किसी और पर अपना ध्यान केंद्रित करने वाले है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मोदी पर बालाकोट हवाई हमले को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए पूछा कि गुरदासपुर, पठानकोट, उरी, बारामूला और पुलवामा में जब हमले हो रहे थे तो क्या चौकीदार सो रहा था। बात दे कि भाजपा का मैं भी चौकीदार अभियान कांग्रेस के आरोप ‘चौकीदार चोर है के जवाब में शुरू किया गया है। सिब्बल ने कहा, सबसे पहले तो यह चाय बेचने वालों (चायवालों) के बारे में भूल चुके हैं। अब वह चौकीदारों को याद करते हैं। अगली बार कोई और होगा क्योंकि वह चौकीदारों को भी भूल जाएंगे।’’

कपिल सिब्बल ने कहा दुखद बात यह है कि जब गुरदासपुर, पठानकोट,उरी,बारामूला, पुलवामा में हम पर हमला हुआ तब वह ‘सो’ रहे थे। चौकीदार क्या कर रहे थे, वह सो रहे थे। उस समय ‘मैं भी चौकीदार’ नारे का क्या हुआ था?2014 के लोकसभा चुनाव में ‘चायवाला’ शब्द उस समय केंद्र में आ गया था जब कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मोदी को ‘चायवाला’ बताया था। तब भाजपा ने मोदी को ‘चायवाला’ बताते हुए व्यापक चुनाव प्रचार इसलिए किया था ताकि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों से जुड़ पाए। इसके बाद से खुद मोदी कई बार खुद को चायवाला बता चुके हैं।

इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘चौकीदार चोर है’ कहकर लगातार निशाना साधा है। वह नरेंद्र मोदी पर राफेल लड़ाकू विमान सौदे के मामले में भ्रष्टाचार और पक्षपात का आरोप लगाते हुए, बार-बार ‘चौकीदार चोर है कहते रहे हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि आम लोगों का जीवन जिन मुद्दों से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है उन पर सरकार कम ध्यान दे रही है जैसे कि किसानों की समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूख, ऋण सुविधाएं और कारोबार का ‘चौपट हो जाना। सिब्बल ने पूछा कि जब नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे लोग देश से भाग रहे थे तब ‘चौकीदार’ क्या कर रहे थे। उन्होंने कहा, चौकीदार उस समय क्या कर रहे थे जब हवाई हमले के बाद सीमा पर रहने वाले लोगों की और सैनिकों की जान जा रही थी। क्या वह अपने घर के चौकीदार हैं या अपनी सुविधाओं के।

पूर्व केंद्रीय मंत्री से यह पूछा गया कि क्या बालाकोट हवाई हमले के बाद रोजगार और सरकार द्वारा आर्थिक क्षेत्र में कथित तौर पर खराब प्रदर्शन से जनता का ध्यान हट गया ? इस पर उनका कहना था कि ऐसा करने की कोशिशें की गई थी। उन्होंने कहा,पुलवामा के बाद अब पूरी बातचीत इस पर आ गई है कि सरकार ने कितना अच्छा काम किया। और हमने पाकिस्तान को दिखाया कि हम सीमा पार से हवाई हमले करने में सक्षम हैं अगर वह आतंकवादी हमलों के जरिए भारत को अस्थिर करने की कोशिश करते हैं तो…।

सिब्बल ने कहा कि पाकिस्तान को जो संदेश दिया गया, वह उस सही मानते हैं लेकिन इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना स्वीकार्य नहीं है। 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने एक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण ठिकाने पर पाकिस्तान के भीतर बालाकोट के निकट 26 फरवरी को बमबारी की थी।

 

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