लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के विरोध में विपक्षी दलों का राज्यवार गठबंधन का फॉर्मूला करीब-करीब तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे महामिलावट करार दिया है। इस पर प्रतिक्रिया करते हुए सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने कहा कि यह महामिलावट नहीं, बल्कि देश कि विविधता है। उन्होंने कहा जो लोग महाघमंड में भर कर देश की विविधता का तिरस्कार करते हैं जनता उनकी खबर लेती है।
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश ने यह महामिलावट 30 साल देखी है। स्वस्थ समाज महामिलावट से दूर रहता है और मजबूत लोकतंत्र में भरोसा करता है। उन्होंने कहा महामिलावट अब चलने वाली नहीं है। देशवासी जनता के प्रति समर्पित सरकार चाहते हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कोलकोता से चेन्नई तक, जम्मू कश्मीर से कन्याकुमारी तक को महा-मिलावट नहीं कहते हैं, उसे देश की विविधता कहते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा हमारे पास समर्पण भाव है, इसलिए दो सीटों से यहां तक पहुंच गए और अभिमान के कारण आप (कांग्रेस) 44 पर रह गए। मोदी ने सरकार के खिलाफ लगाए गए विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है, इसलिए हर किसी की कुछ न कुछ बोलने की मजबूरी है। उन्होंने कहा यह सही है कि यहां से हमें जनता के बीच जाकर अपने काम का हिसाब देना होता है। मैं आप सभी को चुनावी मैदान में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव में नई पीढ़ी, खासकर पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवा मतदाताओं की अहम भूमिका होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस चुनाव में युवा पीढ़ी राष्ट्र को एक नई दिशा देने में मददगार साबित होगी।
पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा जो लोग महा-घमंड से देश की विविधता का मजाक उड़ाते हैं, उनको जवाब देश की जनता ही देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा प्रधानमंत्री ऐसे ही बोलते हैं, हम जो पूछते हैं उसका जवाब नहीं देते। सिर्फ मनमानी बात करते हैं। इसमें कोई जमीनी हकीकत नहीं होती।
उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों को पीछे छोड़ते हुए पूर्ण बहुमत से सत्ता हासिल की थी। अगले कुछ माह में फिर चुनाव होने वाले हैं। इस दौरान भाजपा से मुकाबले के लिए विपक्षी दलों ने राज्यवार गठबंधन की रणनीति अपनाई है। सबसे अधिक लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने गठबंधन किया है। जबकि, बिहार में कांग्रेस, आरजेडी, आरएलएसपी और हम मिल कर चुनाव लड़ने वाले हैं। झारखंड में कांग्रेस और झामुमो साथ-साथ चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस तमिलनाडु में डीएमके के साथ और महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

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