कई प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा लेखन विधि के प्रकार में अक्सर स्टेनोग्राफी का जिक्र होता है। इसे शॉर्ट हैंड के अलावा आशुलिपि भी कहते हैं। कई संस्थान और आयोग अपने विभागों में स्टेनोग्राफर के पद पर नियुक्ति देते हैं। इसमें स्पीचेज को शॉर्ट तरीके से लिखना सिखाया जाता है हालांकि कम्पयूटर आने के बाद इस क्षेत्र में पहले वाली बात नहीं रही पर फिर भी अगर आप सरकारी क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो इसमें अच्छी संभावनाएं हैं।
इस प्रकार करें स्टेनोग्राफी की तैयारी-
इसमें शब्दों के शॉर्टकट बनाने होते हैं लेकिन जरूरी हो तो ही शॉर्टकट बनाएं। जरूरत से ज्यादा शॉर्टकट भी आपका ध्यान भटका सकते हैं। विभिन्न स्त्रोतों की बजाय किसी एक किताब, वेबसाइट या शिक्षक के बताए अनुसार ही अभ्यास करें।आउटलाइन पूरी बनाएं, अधूरी न छोड़ें। यदि किसी आउटलाइन को बनाने में दिक्कत आती है तो उसे बदल लें। शब्द में ज्यादा जोड़ न दें। जरूरत के अनुसार ही शब्दों का जोड़ बनाएं।
ऐसे वॉवल्स जो ज्यादा जरूरी हैं उनका अभ्यास निरंतर करें। बाकी के वॉवल्स कंफ्यूज कर सकते हैं।
रेडियो, टेलीविजन में आ रहे कार्यक्रमों को सुनकर शॉर्टहैंड की प्रेक्टिस कर सकते हैं। शब्दों में गलती आ रही है तो पहले शॉर्ट ट्रिक याद करें, फिर अभ्यास करें।

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