न्यूर्याक । एक अध्ययन में पाया गया कि अगर किसी में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि है तो करीब दो सप्ताह तक हर दिन दो औंस अखरोट खाने से उसके जीन व्यवहार में उल्लेखनीय बदलाव आ सकता है।

अमेरिका में मार्शल विश्वविद्यालय से डब्ल्यू एलेन हार्डमैन ने बताया कि चुहिया पर किए गए प्रयोग में पाया गया कि अखरोट के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ने की गति धीमी हुई और इसका खतरा भी कम हुआ।हार्डमैन ने कहा कि इस शोध के आधार पर हमारी टीम ने अनुमान लगाया कि अगर किसी महिला में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि होती है तो अखरोट के सेवन से उसके जीन व्यवहार में बदलाव आयेगा। इस बदलाव से महिला में ब्रेस्ट कैंसर फैलने की गति कम होगी और बीमारी से उबरने में मदद मिलेगी।

पहले परीक्षण में ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित कुछ महिलाओं को प्रतिदिन दो औंस अखरोट खिलाए गए और पाया गया कि अखरोट खाने से उनके जीन व्यवहार में काफी बदलाव हुआ।

हार्डमैन ने कहा कि इन नतीजों से इस अवधारणा को बल मिलता है कि अखरोट का सेवन मनुष्यों में कैंसर बढ़ने की गति कम कर सकता है और मरीज को इस बीमारी से उबरने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाने वाला अखरोट ब्रेस्ट कैंसर को बढ़ने से रोकने और इससे उबरने में भी मददगार साबित हो सकता है।

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